CasinoGames 发表于 2025-11-27 00:06:50

ऊधम सिंह नगर में चला आपरेशन कालनेमि, 157 लोगों से की पूछताछ

/file/upload/2025/11/4527039952285960734.webp

शनिवार को शनि दान के नाम पर घूम रहे लोगों को बुलाकर किया सत्यापन. Concept Photo



जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। देवभूमि उत्तराखंड में सनातन धर्म की आड़ में शनिवार को शनि दान के नाम पर लोगों को ठगने और उनकी भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले कालनेमि रूपी 157 साधु-संत और पीर फकीरों से पुलिस ने पूछताछ की। साथ ही उनका सत्यापन भी किया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

कुछ लोग साधु-संतों और पीर फकीर का भेष धारण कर लोगों से ठगी के साथ ही महिलाओं का मानसिक और शारीरिक शोषण कर रहे है। इससे न सिर्फ लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही है बल्कि सामाजिक सौहार्द और सतानत परंपरा की छवि को भी नुकसान पहुंच रहा है। इसे देखते हुए पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐसे लोगों के विरुद्ध आपरेशन कालनेमि शुरू करने के निर्देश दिए थे।

इसके तहत उत्तराखंड के प्रत्येक जिले में पुलिस ने आपरेशन कालनेमि शुरू किया था। जिसमें कई बांग्लादेशी भी पकड़े गए थे। इधर, शनिवार को भी ऊधम सिंह नगर पुलिस ने एसएसपी मणिकांत मिश्रा के निर्देश पर शनिवार को शनि दान के नाम पर घूमने वाले साधु संत और पीर फकीरों के विरुद्ध अभियान चलाया। अचानक चले इस अभियान से इधर उधर साधू संत रूप में घूम रहे लोगों में हड़कंप मच गया। इस दौरान पुलिस टीम जिले भर में 157 लोगों को लेकर कोतवाली पहुंची। जहां पर उनका सत्यापन किया गया।

एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि इसमें जसपुर में 27, कुंडा में चार, काशीपुर में छह, आइटीआइ में 12, बाजपुर में 13, केलाखेड़ा में चार, गदरपुर में नौ, दिनेशपुर में तीन, पंतनगर में दो, ट्रांजिट कैंप में छह, रुद्रपुर में 25, किच्छा में 15, पुलभट्टा में 12, सितारगंज में एक, नानकमत्ता में दो, खटीमा में 13 और झनकइया में तीन संदिग्ध साधु संतों से पूछताछ की गई। बताया कि सत्यापन के दौरान किसी का भी आपराधिक इतिहास नहीं मिला।
页: [1]
查看完整版本: ऊधम सिंह नगर में चला आपरेशन कालनेमि, 157 लोगों से की पूछताछ