लखनऊ में ठगी व हत्यारोपियों पर कार्रवाई, तीन गैंग्स्टर की 1.70 करोड़ रुपये की संपत्ति की कुर्क
/file/upload/2025/11/2366882376825365537.webpजागरण संवाददाता, लखनऊ। मड़ियांव, बीबीडी और गुडंबा पुलिस को ठगी व हत्यारोपित के तीन गैंगस्टर की अपराध की रकम से खरीदी गई करीब 1.70 करोड़ रुपये की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर ने शनिवार को दिया। कुर्क की गई संपत्ति में प्लाट, मकान व कारें हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने बताया कि उन्नाव निवासी शिवेंद्र सिंह चौहान जानकी विहार कालोनी जानकीपुरम के खिलाफ अलीगंज पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की रिपोर्ट दर्ज की थी। आरोपित ने प्लाट के नाम पर कई लोगों से ठगी की थी। गैंगस्टर एक्ट की विवेचना इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने की।
आरोपित के खिलाफ अलीगंज व बीकेटी में करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। जांच में पता चला कि आरोपित शिवेंद्र ने अपराध की कमाई से बीकेटी में एक प्लाट लिया था, जिसकी कीमत 57.41 लाख रुपये हैं। संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध की कोर्ट ने संपति कुर्क करने का प्रारंभिक आदेश दिया था।
अंतिम आदेश मिलने के बाद मड़ियांव पुलिस संपत्ति को कुर्क कर शासन के अधीन कर ली गई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपित फिलहाल जमानत पर बाहर है। वहीं, इंस्पेक्टर बीबीडी राम सिंह ने बताया कि चिनहट इंस्पेक्टर ने बाराबंकी निवासी कुलदीप सिंह हालपता राधापुरम कालोनी कंचनपुर मटियारी और उसके गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया था।
आरोपित के खिलाफ हत्या, धोखाधड़ी समेत चार मामले चिनहट, बाराबंकी व अयोध्या में दर्ज हैं। गैंगस्टर एक्ट की विवेचना इंस्पेक्टर बीबीडी द्वारा की जा रही थी। जांच में सामने आया कि आरोपित कुलदीप ने अपराध की काली कमाई से मकान व कारें खरीदी थी।
मामले में न्यायालय संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध ने गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया था। अंतिम आदेश जारी होने के बाद बीबीडी पुलिस ने मकान व कारें कुर्क कर दी हैं।
उधर, इंदिरा नगर थाने में दर्ज गैंगेस्टर एक्ट के आरोपित विशाल यादव उर्फ धर्म सिंह यादव निवासी जरहरा की अपराध की रकम से खरीदी गई करीब 14 लाख की फारच्यूनर कार को गुडंबा पुलिस ने कुर्क कर दिया है। गैंगेस्टर एक्ट की विवेचना इंदिरानगर इंस्पेक्टर प्रभातेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा की जा रही थी। आरोपित के खिलाफ करीब आठ मामले दर्ज हैं।
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