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मुजफ्फरपुर के करीब 40 हजार युवाओं ने इसके लिए आवेदन किया है। फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Mukhyamantri Nishchay swayam sahayata yojana: बिहार सरकार युवाओं के रोजगार पर अधिक से अधिक ध्यान दे रही है। उनकी बेहतर पढ़ाई, उनको दक्ष बनाने से लेकर रोजगार शुरू करने और नौकरी खोजने में भी मदद कर रही है। इसके लिए सरकारी सहायता भी प्रदान कर रही है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
इसी क्रम में सीएम नीतीश कुमार की सरकार ने मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता योजना की शुरुआत की है। इसका लाभ पाने के लिए इंटरमीडिएट व स्नातक उत्तीण 40 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। अब उन्हें सरकार प्रति माह एक हजार रुपये महीने की सहायता राशि दे रही है।
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत सहायता राशि हासिल करने के लिए सिकंदरपुर स्थित जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र पर आवेदकों की भीड़ उमड़ रही है। अब तक इस योजना के तहत 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।
अधिकारी उनके कागजात की जांच के बाद 35 हजार 68 आवेदन स्वीकृत कर चुके हैं। कागजात दुरुस्त नहीं रहने के कारण 2,816 आवेदन अस्वीकार कर दिए गए हैं। फिलहाल 32 हजार 986 को योजना के तहत एक हजार रुपये की राशि हर महीने दी जा रही है।
योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण करीब आठ हजार 761 ने आवेदन किए हैं। इनमें मात्र 2,490 ने ही जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र पहुंच कर मूल कागजात की जांच कराई। शेष द्वारा अब तक न तो आनलाइन भरा गया आवेदन जमा किया और न ही कागजात की जांच कराई। ऐसे आवेदकों को 15 दिनों का समय दिया गया है। उसके बाद भी कागजात का सत्यापन नहीं कराने वालों का आवेदन रद कर दिया जाएगा।
क्या है यह योजना?
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2016 को युवाओं को नौकरी खोजने में मदद करने के उद्देश्य से की गई थी। इसका लाभ वैसे युवाओं को दिया जा रहा है जो 20 से 25 वर्ष आयुवर्ग में हैं तथा इंटरमीडिएट या स्नातक पास हो चुके हैं।
ऐसे युवाओं को सरकार दो वर्ष तक प्रतिमाह एक हजार रुपये सीधे बैंक खाते में देती है। इसके लिए संबंधित का किसी भी प्रकार के सरकारी या गैर सरकारी संगठन में नौकरी नहीं करना जरूरी है। इसके साथ ही साथ ऐसे युवाओं में दक्षता बढ़ाने के ख्याल से उन्हें भाषा, संवाद कौशल, बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है। प्राप्त https://www.7nishchay-yuvaupmission.bihar.gov.in/ पर जरूरी जानकारी व प्रमाण पत्र देकर लाभ ले सकते हैं।
आनलाइन आवेदन करने के बाद यह आवेदन व कागजात जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र पर में जमा करना होता है। उसकी जांच की जाती है। इसके लिए अन्य शैक्षणिक कागजात के साथ एसएलसी या सीएलसी, आवासीय प्रमाणपत्र, बैंक खाता, आधार कार्ड आदि लाना अनिवार्य होता है।
सरकारी या निजी संस्थानों में कार्यरत इसके पात्र नहीं होते हैं। इसके साथ ही अन्य भत्ता, छात्रवृत्ति, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, शिक्षा ऋण या अन्य सहायता पाने वालों को भी इस योजना का लाभ नहीं दिया जाता है।
युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में रोजगार से जोड़ने की दिशा में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। यह किसी भी रूप में हो। सरकारी या फिर निजी। सरकार चाहती है कि इन योजनाओं का लाभ लेकर युवा आत्मनिर्भर बनें। संसाधनों की कमी की वजह से आगे बढ़ने से चूक नहीं जाएं।
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत इंटर व स्नातक उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं आवेदन कर रहे हैं। कागजात जांच कराने वाले आवेदकों को सहायता राशि देने की प्रकिया शुरू कर दी गई है। स्नातक उत्तीर्ण काफी संख्या में आवेदकों ने आनलाइन आवेदन के बाद कागजात की जांच नहीं कराई है। 15 दिनों के अंदर जांच नहीं कराने वालों का आवेदन रद कर दिया जाएगा। -
मनोज कुमार प्रधान, प्रबंधक, जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र सिकंदरपुर |
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