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जागरण संवाददाता, उन्नाव। सेवानिवृत्त शिक्षिका शांति सिंह ने साहस और सूझबूझ का परिचय देकर हिस्ट्रीशीटर को गुमराह ही नहीं किया अपनी जान भी बचा ली। पहले हिस्ट्रीशीटर से कहा कि पांच लाख हमसे ले लो और लौट जाओ।हिस्ट्रीशीटर ने गला दबाया तो सांस रोककर मरने का नाटक किया। शांति को मृत समझ हिस्ट्रीशीटर उनके गले से चेन तोड़कर भाग निकला। आरोपित के घर से जाते ही शांति ने 112 पर काल कर पुलिस को जानकारी दे दी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
सेवानिवृत्त शिक्षिका शांति ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे ग्राहक बनकर हिस्ट्रीशीटर राकेश उनकी किराना दुकान सामान लेने पहुंचा। उसने हेलमेट लगा रखा था। गले में गमछा भी डाले था। 50 रुपये देकर शक्कर व पान-मसाला लिया। 20 रुपये उसे लौटाए तो उसने रवा देने को कहा।
शक होने पर उससे पूछताछ की तो बताया कि वह किराएदार है और पास के एक घर में रहता है। जैसे ही वह रवा निकालने के लिए दुकान की ओर मुड़ीं हिस्ट्रीशीटर पीछे से दुकान में घुस आया और मुंह दबाकर जमीन पर गिरा दिया।उसने कहा कि तुम्हारी हत्या के लिए मुझे पांच लाख की सुपारी मिली है।
शांति ने बताया कि वह डरी नहीं बल्कि जान बचाने के लिए सूझबुझ से काम लिया। हिस्ट्रीशीटर से कहा कि जिसने तुम्हें भेजा है उससे पांच लाख ले लेना। पांच लाख मैं तुम्हे देती हूं। 10 लाख लेकर कहीं निकल जाओ। शांति की बात सुन हिस्ट्रीशीटर ने उन्हें छोड़ दिया और बाहर चला गया। कुछ देर बाद उसका मन बदला और वह फिर घर में घुसकर शांति का गला दबा दिया।
शांति ने मरने का नाटक कर सांस रोककर हिस्ट्रीशीटर को गुमराह कर दिया। शांति ने बताया कि आरोपित की पहचान करने के लिए उन्हें थाना बुलाया गया था। वह थाना गईं तो हिस्ट्रीशीटर उन्हें देख छुड़वा देने की भीख मांगने लगा। इस पर उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। |
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