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वेस्टंडीज के बल्लेबाजों ने खत्म किया 51 साल का सूखा
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। वेस्टइंडीज ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में फॉलोऑन मिलने के बाद शानदार खेल दिखाया और 390 रन बनाए। उसे यहां तक पहुंचाने में सलामी बल्लेबाज जॉन कैम्पबेल और शै होप का हाथ रहा। इन दोनों ने शतक जमाए और मेहमान टीम ने भारत को 121 रनों का टारगेट दिया है। इसी दौरान वेस्टइंडीज ने वो काम कर दिया जो बीते 51 सालों से नहीं हुआ था। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
कैम्पबेल ने 199 गेंदों का सामना कर 12 चौके और तीन छक्कों की मदद से 115 रन बनाए। होप ने 214 गेंदें खेली जिनमें 12 चौके और दो छक्कों की मदद से 103 रन बनाए। इन दोनों के अलावा जस्टिन ग्रीव्स ने नाबाद 50 रनों की पारी खेली और भारत को परेशान किया।
तोड़ दिया सूखा
वेस्टइंडीज के दो बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में शतक जमाए। ये 1974 के बाद पहली बार हुआ है जब वेस्टइंडीज के दो बल्लेबाजों ने भारत में टेस्ट मैच की दूसरी पारी में शतक जमाए हैं। इससे पहले ये काम बेंगलुरू में हुआ था। तब सलामी बल्लेबाज गॉर्डन ग्रीनीज और कप्तान क्लाइव लॉयड ने दूसरी पारी में शतक जमाए थे। ग्रीनीज ने 208 गेंदों पर 107 रनों की पारी खेली थी। वहीं लॉयड ने 149 गेंदों पर 163 रनों की पारी खेली थी। कप्तान नंबर-5 पर बल्लेबाजी करने आए थे।
कैम्पबेल ने जमाया पहला शतक
कैम्पबेल का ये पहला टेस्ट शतक है। उन्होंने रवींद्र जडेजा के ओवर में छक्का मार अपना शतक पूरा किया। वहीं होप का ये टेस्ट में तीसरा सैकड़ा है। इन दोनों ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 177 रन जोड़े। ये वेस्टइंडीज के लिए टेस्ट में तीसरे विकेट के लिए तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है।
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