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उन्नाव में लापरवाही की हद; 20 बच्चे को बैठाकर ले जा रही थी स्कूली वैन पलटी, छह छात्र घायल

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发表于 2025-10-28 09:25:43 | 显示全部楼层 |阅读模式
  



संवाद सहयोगी, जागरण, पाटन (उन्नाव)। बिना ठेका परमिट अवैध तरीके से स्कूल के बच्चों को अवकाश के बाद घर छोड़ने जा रही वैन ऊंचगांव-लालकुआं मार्ग पर बारासगवर क्षेत्र में अनियंत्रित हो खंती में जाकर पलट गई। हादसे में तीन बच्चों को अधिक चोटें आई, जबकि तीन मामूली चोटिल हो गए। बीघापुर के 100 शैय्या अस्पताल से इलाज के बाद स्वजन बच्चों को लेकर घर चले गए। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

बरासगवर क्षेत्र के रौतापुर में जगन्नाथेश्वर जूनियर विद्यालय संचालित है। सोमवार दोपहर छुट्टी के बाद वैन करीब 20 बच्चों को गढ़ेवा गांव छोड़ने के लिए निकली। धानीखेड़ा के आगे बारासगवर थाना के पास सामने से आ रहे ट्रक से बचने के लिए वैन चालक ने वाहन को किनारे करने का प्रयास किया। इसी दौरान टायर के नीचे ईंट पड़ने से वैन अनियंत्रित हो सड़क के नीचे जाकर पलट गई।

वैन में बैठे छात्रों का शोर सुन आसपास के लोग, राहगीर दौड़े और सभी को बाहर निकाला। तीन छात्रों को गंभीर चोट व तीन को मामूली चोट आई। इन सभी को बीघापुर के 100 सैय्या बेड अस्पताल ले जाया गया। किसी के सिर तो किसी के हाथ व पैर में चोट आई। हादसे की जानकारी अस्पताल पहुंचे स्वजन इलाज करा बच्चों को घर लेकर चले गए। घायल छात्रों में कक्षा शिशु का अद्विक सिंह, कक्षा चार का नैतिक, कक्षा पांच का दिव्यांश निवासी गढ़ेवा शामिल है। डाक्टर ने सभी की हालत सामान्य बताई है।

चिलौली निवासी वैन चालक कृपाशंकर ने बताया कि ट्रक तेज गति से आ रहा था। वैन किनारे करने में टायर के नीचे ईंट आने से वह पलट गई। वहीं राहगीरों व गढ़ेवा के विशाल सिंह ने चालक के नशे में होने का अंदेशा जता, तेज गति में चलने की बात कही। दहशत में कांप रहे बच्चे हादसे के संबंध में कुछ भी नहीं बता सके। एसओ धर्मेंद्र नाथ मिश्र ने बताया कि हादसे के बाद बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मान्यता जूनियर की, संचालन प्राथमिक कक्षाओं का भी

विकासखंड बीघापुर के रौतापुर में जगन्नाथेश्वर जूनियर स्कूल संचालित है, जिसमें कक्षा 6 से 8 तक की मान्यता है। पर शिक्षा विभाग के रहमोकरम पर जूनियर के अलावा शिशु से पंचम तक की कक्षाएं भी संचालित हैं। चर्चा है कि कुछ दिन पहले शिक्षा विभाग ने बारा के पास के एक विद्यालय को अवैध ढंग से संचालित होने पर बंद करा दिया था।पर इस विद्यालय पर नजर नहीं गई।

नियमों का उड़ रहा मजाक, जोखिम में नौनिहालों की जान


स्कूल वाहन में पंजीकृत न होने के बाद भी वैन, ई-रिक्शा, आटो समेत अन्य वाहन छात्र-छात्राओं को घर से स्कूल लाने और छोड़ने का कार्य कर रहे हैं। इन्होंने किसी तरह ठेका परमिट भी नहीं ले रखा है। नियम विपरीत सड़क पर पर दौड़ने के बाद भी एआरटीओ की इन वाहनों पर नजर नहीं पड़ती है। कुछ दिन अभियान चलाने के बाद अधिकारी आंख बंद कर लेते हैं। जिससे छात्रों की जान खतरें में डालकर यह वाहन फर्राटा भर रहे हैं। एआरटीओ प्रतिभा गौतम ने बताया कि हाल में ही अभियान चलाकर कार्रवाई की गई थी। फिर से ऐसे वाहनों पर कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाएगा।



विद्यालय की मान्यता जूनियर तक है। शिशु से पंचम तक की कक्षाएं चलने की मुझे जानकारी नहीं थी। इसकी जानकारी आज ही हुई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
- शुचि गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी बीघापुर
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