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जागरण संवाददाता, जालौन। एट थाना के पिरौना गांव में नकली खाद तैयार करने का कारखाना पकड़ा गया। मौके से 102 बोरी भरी हुई और 58 बोरियों में मिलावट का कच्चा माल बरामद किया गया। ढाई सौ खाली बोरी के साथ सिलाई मशीन, जनरेटर और अन्य सामग्री भी मिली है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
बोरियों पर डीएपी इफको लिखा हुआ है। जहां कारखाना संचालित था वहां से झांसी सीमा करीब सात सौ मीटर दूर है। यह नकली खाद यहां से झांसी सप्लाई की जा रही थी। नकली खाद तैयार करने के आरोपित हरपाल यादव पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पकड़ी गई खाद का नमूना परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। 29 नवंबर 2024 को नदीगांव में इसी तरह नकली डीएपी तैयार करने का कारखाना पकड़ा गया था। उसमें दस लोगों पर मुकदमा हुआ था।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को 13 अक्टूबर को किसी ने सूचना दी कि एट क्षेत्र के पिरौना में नकली खाद तैयार की जा रही है। इसे क्षेत्र के किसानों को बिक्री करने के साथ झांसी में भी भेजी जा रही है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव, अपर जिला कृषि अधिकारी उत्कर्ष दीक्षित ने एट थाना पुलिस के साथ सोमवार की रात को पिरौना में दबिश दी।
यहां हरपाल यादव के खेत में बने एक मकान से 102 दो बोरी खाद की भरी हुई मिली। मौके से 58 बोरी में कच्चा माल था। बोरी सिलने की मशीन, तागा, जनरेटर भी मिला। मौके से आरोपित भाग जाने में सफल रहे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर आरोपित हरपाल यादव पर जालसाजी कर नकली सामग्री तैयार करने की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है।
इंसेट: 250 की जिप्सम बोरी से तैयार करता था डीएपी
जिप्सम खनिज एक प्राकृतिक काली मिट्टी है जो दुकानदार को 250 रुपये प्रति बोरी की दर से मिल रही थी। हालांकि बोरी पर 850 रुपये प्रिंट है। बताया कि दुकानदार झांसी व मप्र से यह कच्चा माल बोरियों में लाता था। डीएपी में परिवर्तित करने के बाद यही 250 रुपये बोरी की कीमत किसान को 1350 रुपये में बिक्री कर देता था।
जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव का कहना है कि कारखाना में जो भी माल मिला है उसे सील कर दिया गया है। जांच के लिए तैयार माल, कच्चा माल के नमूने लेकर झांसी भेजा जाएंगे। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। |
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