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Bihar News: बच्चों को पहले परोसा अंडा, तस्वीर खिंचवाई फिर थाली से ले लिया वापस; अब होगी जांच

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发表于 2025-11-27 00:07:05 | 显示全部楼层 |阅读模式
  

शिकायत करने पहुंचे अभिभावक। (जागरण)



संवाद सूत्र, जमालपुर (मुंगेर)। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत विद्यालयों में पठन-पाठन के साथ-साथ छात्रों के पोषण पर भी विशेष ध्यान देने की व्यवस्था की गई है।

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक शुक्रवार को प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों को भोजन के साथ अंडा या मौसमी फल उपलब्ध कराया जाना अनिवार्य है।

इसके लिए प्रति छात्र छह रुपये का प्रविधान विभाग की ओर से किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराना और कुपोषण से बचाव करना है। हालांकि, जिले के अधिकांश विद्यालयों में इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

विद्यालय प्रबंधन की ओर से अक्सर यह देखा जाता है कि निर्धारित राशि में समायोजन करने के लिए विद्यार्थियों को सस्ते मौसमी फल जैसे केला या संतरा ही उपलब्ध कराया जाता है। इसका कारण यह बताया जाता है कि बाजार में अंडे की कीमत सरकारी प्रावधान से अधिक होती है, ऐसे में विद्यालय प्रबंधन अंडा उपलब्ध कराने से बचता है।

कई स्थानों पर तो स्थिति यह है कि बच्चों को अंडा मिलना लगभग बंद हो गया है, जबकि योजना की असल मंशा बच्चों को बेहतर पोषण उपलब्ध कराना है।

दरअसल, जमालपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय फरीदपुर में शुक्रवार को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई, जिसने योजना के क्रियान्वयन की असलियत उजागर कर दी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजीव कुमार ने बच्चों को भोजन की थाली में अंडा परोसा। छात्रों के चेहरों पर यह सोचकर खुशी थी कि आज उन्हें भोजन के साथ अंडा मिलेगा।

बच्चों की थालियों को सुव्यवस्थित कर उन्हें पंक्ति में बिठाया गया और कुछ देर बाद प्रधानाध्यापक ने बच्चों के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। लेकिन, इसके बाद जो हुआ, उसने सभी को अचंभित कर दिया। बताया गया कि फोटो खिंचवाने के बाद प्रधानाध्यापक ने बच्चों की थालियों से अंडे वापस ले लिए। बच्चे अवाक रह गए और समझ नहीं पाए कि उनके साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है।
छात्रों ने अभिभावकों को दी जानकारी

छात्र यश राज, सोनू, खुशी, अनुज राज, आजाद सहित अन्य बच्चों ने प्रधानाध्यापक के इस हरकत की सूचना अभिभावकों को दी। इसके बाद अभिभावकों ने इसे बच्चों के साथ धोखा और योजना की खुलेआम अवहेलना बताया।

इसके बाद शनिवार की सुबह दर्जन भर अभिभावक विद्यालय के अध्यक्ष सह वार्ड पार्षद चंदन कुमार के नेतृत्व में विद्यालय पहुंचे व प्रधानाध्यापक संजीव कुमार को खरी-खोटी सुनाते हुए स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी दे दी।

अभिभावकों ने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन केवल कागजों पर योजना का बेहतर क्रियान्वयन दिखाने का प्रयास करता है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट है। उनका कहना है कि फोटो खिंचवाकर विभागीय समूहों में भेज दिया जाता है, इससे ऐसा प्रतीत हो कि बच्चों को अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर बच्चों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाता है।

अब अभिभावकों ने ग्रामीण प्रशासन और शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार व्यक्तियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।


मामले की जानकारी मिली है। इस पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी, इसके बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. प्रभात रंजन, बीडीओ सह प्रभारी बीईओ
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