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पश्चिमी सिंहभूम जिले में लौह अयस्क का अवैध खनन बदस्तूर जारी है, मामले में दस हिरासत में लिए गए।
संवाद सूत्र,नोवामुंडी। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में लौह अयस्क का अवैध खनन बदस्तूर जारी है। माफिया गिरोह ने लौह अयस्क चोरी करने के लिये नोवामुंडी स्टेशन के निकट पांच नंबर रेलवे साइडिंग प्लाट को अपना निशाना बना रखे हैं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
खनन विभाग,पुलिस व शासन प्रशासन की ओर से अवैध कार्य पर पकड़ ढीली होने से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा स्वयं इस पर हसक्षेप शुरू किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने गुप्त सूचना के आधार पर सोमवार आधी रात को दल-बल के साथ नोवामुंडी स्टेशन के निकट पांच नंबर लोडिंग साइडिंग प्लाट पहुंचे हुए थे।
उस समय साइडिंग प्लाट में एक लोडर मशीन से आठ हाइवा में लौह अयस्क लोडिंग किया जा रहा था।लौह अयस्क लोडिंग कार्य में लगे माफिया गिरोह के सदस्यों व हाइवा चालकों से पूछताछ करने पर हकीकत सामने आया।
उन्होंने तत्काल नोवामुंडी थाने पुलिस को मोबाइल से संपर्क घटनास्थल बुला लिया। पुलिस को थाने से तैयार होकर तीन किमी दूरी तय कर घटनास्थल पहुंचने में तीन घंटे का समय लग गया।
उन्होंने पुलिस आने में विलंब होने के कारण लौह अयस्क लदे आठ डंपर समेत जेसीबी मशीन के टायर के हवा खोलकर घटनास्थल पर रोक दिया।
उसके बाद स्थानीय पुलिस को बुलाकर उन सभी जेसीबी मशीन व सभी हाइवा को जब्त कर नोवामुंडी थाने पुलिस के अभिरक्षा में रखने के निर्देश दिया है।
जेसीबी मशीन चालक,सभी हाइवा के ड्राइबरों व एक लौह अयस्क तस्कर से जुड़े गिरोह के सदस्य पर लौह अयस्क चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजने के निर्देश दिया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने बताया क नोवामुंडी थाने क्षेत्र के पांच नंबर साइडिंग में अवैध खनन का यह पूरा खेल कई दिनों से चल रहा था। यहां से अलग-अलग दिनों रात के अंधेरे में अबतक कई लाख टन लौह अयस्क की चोरी हो चुकी है।
बावजूद खनन बिभाग के अधिकारी व स्थानीय पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी। घटना की रात को खनन माफिया समेत कई लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
लौह अयस्क लदे वाहनों और मौके से पकड़े गए लोगों को नोवामुंडी थाने को सौंप दिया गया है।पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा द्वारा आधी रात को की गई इस कार्रवाई से आयरन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।वहीं पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस और प्रशासन की सुस्ती पर सवाल उठ रहे हैं। |
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